‘युद्ध नशों  विरुद्ध’: पंजाब पुलिस द्वारा 15वें दिन 557 स्थानों पर छापेमारी; 114 नशा तस्कर गिरफ्तार

दिन भर चले ऑपरेशन के दौरान 72 एफआईआर दर्ज, 945 ग्राम हेरोइन, 76 लाख रुपये ड्रग मनी बरामद

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध

103 एसपी/डीएसपी रैंक के अधिकारियों के नेतृत्व में 250 से अधिक पुलिस टीमों ने 592 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की: स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला

चंडीगढ़, 15 मार्च: Prime Punjab

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा प्रदेश से नशों के खात्मे के लिए चलाए जा रहे “युद्ध नशों  विरुद्ध” मुहिम को लगातार 15वें दिन जारी रखते हुए, पंजाब पुलिस ने आज 557 स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान राज्यभर में 114 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर 72 एफआईआर दर्ज की गईं। इसके साथ ही, केवल 15 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 1,936 हो गई है।

पुलिस टीमों ने गिरफ्तार तस्करों से 945 ग्राम हेरोइन, 43 किलो भुक्की, 3,098 नशीली गोलियां/इंजेक्शन और 76,310 रुपये ड्रग मनी बरामद की है।

यह कार्रवाई पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी 28 पुलिस जिलों में एक साथ की गई।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों और सीनियर पुलिस अधीक्षकों को तीन महीनों में पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के निर्देश दिए हैं। पंजाब सरकार ने नशों के खिलाफ इस अभियान की निगरानी के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कैबिनेट उप-समिति का गठन भी किया है।

विशेष डीजीपी (कानून और व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने जानकारी दी कि 103 गजेटेड अधिकारियों की निगरानी में 1,600 से अधिक पुलिसकर्मियों वाली 250 से अधिक पुलिस टीमों ने प्रदेशभर में छापेमारी की और दिनभर चले इस ऑपरेशन के दौरान 592 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की गई।

स्पेशल डीजीपी ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा नशों के खात्मे के लिए तीन-स्तरीय रणनीति – प्रवर्तन , नशामुक्ति और रोकथाम – लागू की गई है। इस रणनीति के तहत पंजाब पुलिस ने ‘नशामुक्ति’ अभियान के अंतर्गत दो व्यक्तियों को नशा छोड़ने और पुनर्वास उपचार के लिए प्रेरित किया है, जबकि ‘रोकथाम’ अभियान के तहत आज पूरे राज्य में 127 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

——–