Director : Manvir Singh Walia
Editor : Jatin Kumar Sahota
जालंधर, 17 जून : Prime Punjab
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर जब विश्वभर में योग के माध्यम से स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश प्रसारित किया जा रहा है, तब भारत की युवा योग प्रतिभा वान्या शर्मा अपनी असाधारण उपलब्धियों के कारण विशेष रूप से चर्चा में हैं। योग, संस्कार, अनुशासन और उत्कृष्टता का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत करती वान्या आज देश की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का सशक्त प्रतीक बन चुकी हैं।
मात्र कम आयु में ही 18 विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर वान्या शर्मा ने भारतीय योग परंपरा को नई पहचान प्रदान की है। उनकी उपलब्धियाँ केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भारतीय योग संस्कृति के वैश्विक प्रचार-प्रसार का भी सशक्त माध्यम बनी हैं।
महर्षि पतंजलि के “योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः” और श्रीमद्भगवद्गीता के “योगः कर्मसु कौशलम्” जैसे दिव्य संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए वान्या ने निरंतर साधना, अनुशासन और समर्पण के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उनके नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तथा जीनियस बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं में दर्ज 18 विश्व रिकॉर्ड हैं।
योग के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए उन्हें देश के अनेक प्रतिष्ठित नेताओं, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उनकी उपलब्धियाँ यह प्रमाणित करती हैं कि दृढ़ संकल्प, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच के माध्यम से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
वान्या शर्मा का योगदान केवल प्रतियोगिताओं और रिकॉर्ड्स तक सीमित नहीं है। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर बच्चों एवं विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के बीच योग जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य किया है। उनका मानना है कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सफल जीवन जीने की एक सम्पूर्ण जीवनशैली है।
हाल ही में देश के अग्रणी खेल परिधान ब्रांड Shiv Naresh Sports Pvt. Ltd. द्वारा उन्हें Sports Wear Ambassador के रूप में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी बढ़ती राष्ट्रीय पहचान और युवा वर्ग में उनके प्रभाव का प्रतीक माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की भावना को साकार करती हुई वान्या शर्मा आज भारत की योग संस्कृति, युवा शक्ति और नारी सशक्तिकरण की प्रेरणादायी प्रतिनिधि बन चुकी हैं। उनकी सफलता की कहानी लाखों बच्चों और युवाओं को यह संदेश देती है कि अनुशासन, परिश्रम और योग के मार्ग पर चलकर जीवन में असाधारण ऊँचाइयाँ प्राप्त की जा सकती हैं।
“सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” के वैदिक आदर्श को आत्मसात करती वान्या शर्मा आज विश्व मंच पर भारतीय योग की गौरवशाली परंपरा का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल दीप बन चुकी हैं।



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