पंजाब में भाजपा के वरिष्ठ अकाली नेता सराओ अकाली दल छोड़ भगवा दल में हुए शामिल।

Manvir Singh Walia 

Jatin Kumar 

जालंधर, 27 अप्रैल : Prime Punjab

अकाली दल (पुनर सुरजीत) को लगातार मिल रहे राजनीतिक झटकों के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुखवंत सिंह सराओ ने पार्टी से इस्तीफा देकर अपने समर्थकों के साथ औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक अश्वनी कुमार की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी जॉइन की। इस अवसर पर पूर्व जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) गुरविंदर सिंह भुटाल ने भी भाजपा की सदस्यता ली।


 

पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से कानून में स्नातक सराओ ने पंजाब सरकार में संगरूर में अतिरिक्त उपायुक्त (विकास) और पंजाब ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग में उप निदेशक (पंचायत) के रूप में सेवाएं दीं। उन्होंने 2012 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने संगरूर जिले के लहरा विधानसभा क्षेत्र से शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा जहां उन्हें वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल से 3,345 वोटों के मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा।

 

जब ढींडसा ने अलग होकर शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) का गठन किया तब सराओ भी उनके साथ ही खड़े रहे। बाद में जब ढींडसा के पुत्र और पूर्व कैबिनेट मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा ने सुनाम सीट छोड़कर लहरा से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया तब सराओ ने स्वेच्छा से अपनी दावेदारी छोड़ दी। वर्ष 2020 में सराओ ने ढींडसा के साथ ही शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) में प्रवेश किया और तब से लेकर अब तक पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे।

 


सराओ का इस्तीफा अकाली दल (पुनर सुरजीत) के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। उनका भाजपा में शामिल होना, विशेषकर पूर्व डीडीपीओ के साथ, पंजाब में भाजपा की पकड़ मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, खासकर लहरा विधानसभा क्षेत्र में, जहां पार्टी आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी मौजूदगी बढ़ाने में जुटी है।