जालंधर
ध्वनि प्रदूषण की समस्या को खत्म करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने अपने अधिकार क्षेत्र में रिहायशी इलाकों में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक हॉर्न बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए डिप्टी कमिश्नर पुलिस अंकुर गुप्ता ने सीआरपीसी आईपीसी की धारा 144 अधीन आदेश पहले ही जारी किए जा चुके है। आदेशों अनुसार डी.जे. आप्रेटरों को रात 10 सुबह 6 बजे तक डी.जे. या साउंड एमपलीफायर प्रयोग न करने की हिदायत दी गई।
आदेश के अनुसार सार्वजनिक स्थानों की सीमा के पास पटाखों और लाउड स्पीकर आदि की आवाज 10 डीबी (ए) या अधिक न हो या इलाके के अनुसार 7.5 डीबी(ए) या दोनों में से जो कम हो, अनुसार रखने के आदेश दिए गए है।
उन्होंने कहा कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक सार्वजनिक आपातकालीन स्थिति को छोड़कर कोई भी व्यक्ति ढोल या भोपू या बिगुल या कोई अन्य वाद्य यंत्र नहीं बजा सकेगा। इसके अलावा, यह भी अनिवार्य किया गया है कि निजी साउंड सिस्टम से शोर का स्तर 7.5 डीबी (ए) से अधिक नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो साउंड सिस्टम और उपकरण जब्त कर लिए जाएगे।
ये सभी आदेश 13 जनवरी 2024 तक लागू रहेंगे।

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