कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और बेची तथा खरीदी गई वस्तुओं की मात्रा को दावों के अनुसार सुनिश्चित करना
चंडीगढ़, 7 फरवरी:
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग की लीगल मेट्रोलॉजी विंग ने 31 जनवरी, 2025 तक लीगल मेट्रोलॉजी अधिनियम, 2009 और इससे जुड़े विभिन्न नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों से 21 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना एकत्रित किया है और 1568 चालान जारी किए हैं।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के लक्ष्य के अनुसार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा को सुनिश्चित करना है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक्क के नेतृत्व में इस दिशा में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
गौरतलब है कि आम भाषा में पहले नाप-तोल विभाग के रूप में पहचाने जाने वाले इस विंग को पूरे पंजाब के सभी व्यावसायिक संस्थानों की नाप-तोल संबंधी जांच और निरीक्षण का कार्य सौंपा गया है।
लीगल मेट्रोलॉजी संगठन का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि बेची और खरीदी गई वस्तुओं की मात्रा दावों के अनुसार सही हो।
बताने योग्य है कि लीगल मेट्रोलॉजी अधिनियम, 2009 के तहत लीगल मेट्रोलॉजी (जनरल) नियम, 2011,लीगल मेट्रोलॉजी (नेशनल स्टैंडर्ड) नियम, 2011, लीगल मेट्रोलॉजी (गिनती) नियम, 2011 लीगल मेट्रोलॉजी (मॉडल अनुमोदन) नियम, 2011, लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड वस्तुएं) नियम, 2011,लीगल मेट्रोलॉजी (सरकार द्वारा अनुमोदित परीक्षण केंद्र) नियम, 2013 नियम लागू किए गए हैं।
इसके अलावा, पंजाब सरकार ने उक्त अधिनियम की धारा 53 के तहत प्राप्त शक्तियों के अंतर्गत पंजाब लीगल मेट्रोलॉजी (एनफोर्समेंट) नियम, 2013 तैयार और लागू किए हैं।
श्री लाल चंद कटारूचक्क ने आश्वासन दिया कि उक्त अधिनियम और इसके सभी नियमों का पालन निकट भविष्य में और भी सख्ती से सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे विभाग के कामकाज में अधिक पारदर्शिता लाई जा सके।

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