चंडीगढ़, 7 मार्च:Prime Punjabस कुलतार सिंह संधवां ने आज चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि एस.जी.पी.सी. सिख समुदाय की एक मिनी पार्लियामेंट है, और इसका प्रधान पूर्ण सिख मर्यादा का पालन करने वाला होना चाहिए, लेकिन जिस तरह से सिख समुदाय की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब और एस.जी.पी.सी. को किसी खास धड़े के हित में प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, उससे निराश होकर एस.जी.पी.सी. के मौजूदा प्रधान एडवोकेट धामी जी द्वारा प्रधानगी सेवा से मुक्त होने का फैसला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने आगे कहा कि समुदाय के नेताओं को संकट के समय समुदाय का नेतृत्व करना चाहिए, न कि निराश होकर घर बैठ जाना चाहिए। इसके अलावा, एस.जी.पी.सी. पर काबिज धड़े की सत्ता की भूख और श्री अकाल तख्त साहिब के साथ टकराव सिख समुदाय के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एस.जी.पी.सी. के नए प्रधान के रूप में जिस व्यक्ति पर विचार किया जा रहा है, उसकी बादल परिवार के साथ नजदीकी और रिश्तेदारी के अलावा समुदाय को क्या योगदान है?
ऐसे हालात में पंथक संस्थाओं के मुख्य सेवकों की नियुक्ति और सेवा मुक्ति के लिए दुनियाभर में बसे समुदाय-प्रेमी लोगों की एक समिति बनाना जरूरी है। साथ ही, एस.जी.पी.सी. के चुनाव जल्द से जल्द करवाकर पंथ-समर्थक प्रतिनिधियों का चयन करना समय की प्रमुख जरूरत है।

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