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जालंधर सिविल अस्पताल में Expire Fire Cylinder से हड़कंप, नशा मुक्ति केंद्र में लगे सिलेंडर निकले एक्सपायर; कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने किया दौरा

जालंधर, 8 सितंबर : Prime Punjab 

जालंधर के सिविल अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां नशा मुक्ति केंद्र में लगे फायर सेफ्टी सिलेंडर एक्सपायर मिले हैं, जिससे अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर जहां रोजाना सैकड़ों मरीज होते हैं, वहां फायर सेफ्टी में चूक किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।

 

मामला सामने आने पर सिविल सर्जन डॉ. गर्ग ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि जो सिलेंडर एक्सपायर मिले हैं, वे अगस्त माह के हैं और नियम के अनुसार एक्सपायर होने के बाद भी एक महीने तक वैलिड माने जाते हैं। उन्होंने बताया कि 50 नए सिलेंडरों की डिमांड भेज दी गई है जो जल्द आ जाएंगे और सभी कर्मचारियों को हर 6 महीने में फायर सिलेंडर चलाने की ट्रेनिंग भी दी जाती है। साथ ही उन्होंने जच्चा-बच्चा वार्ड में हाल ही में हुई आग की घटना पर स्टाफ की मुस्तैदी की तारीफ की, जिससे बड़ा हादसा टल गया था।

इसी बीच आज कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत सिविल अस्पताल पहुंचे और सेहत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने टीबी वार्ड में भर्ती 100 मरीजों का हालचाल जाना। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर टीबी मरीजों को मुफ्त इलाज के साथ-साथ हाई-प्रोटीन फ्री डाइट भी दी जा रही है, ताकि एक महीने के इलाज के बाद मरीज जल्दी स्वस्थ हो सके। सरकार की टीमें घर-घर जाकर टीबी मरीजों को ढूंढ रही हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवा रही हैं।

 

सिबिल अस्पताल में फायर NOC और सिलेंडरों की समय पर रीफिलिंग बेहद जरूरी है। पिछले कुछ महीनों में पंजाब के कई सरकारी अस्पतालों में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में एक्सपायर सिलेंडर का मामला सिर्फ तकनीकी लापरवाही नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। स्वास्थ्य विभाग को इसकी नियमित ऑडिट करनी चाहिए।