जालंधर-Prime Punjab
जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी द्वारा 9 मार्च को न्यायिक अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जहां लंबित दीवानी, वैवाहिक विवाद, वाहन दुर्घटना दावा मामले, बिजली कानून के मुआवजे के मामले, ट्रैफिक चालान और फौजदारी के हो सकने वाले केसो और अन्य संस्थाओं जैसे बैंक,बिजली विभाग, भारत संचार निगम एवं वित्तीय संस्थाओं के मुकदमों एवं प्री-लिटिगेटिव मुकदमों की सुनवाई राजीनामे के द्वारा करवाने के लिए सुनवाई की जाएगी।
इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए जिला एवं सैशन न्यायाधीश-कम-अध्यक्ष जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी निरभऊ सिंह गिल ने बताया कि लोक अदालतों का उद्देश्य लोगों को तुरंत एवं सस्ता न्याय उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है और इसके फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से निर्णय लेने से पैसे और समय की बचत होती है। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने अदालती विवादों को लोक अदालत के माध्यम से निपटाना चाहते हैं, वे संबंधित न्यायालय में अपना आवेदन दे सकते है।
सीजेएम-कम-सचिव जिला कानूनी सेवा अथारिटी बलजिंदर सिंह ने कहा कि समय-समय पर कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा ये लोक अदालतें स्थापित की जाती है ताकि विवादों को आपसी समझौते और सौहार्दपूर्ण समाधान के माध्यम से हल किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में केस दायर करने, मुफ्त कानूनी सेवाओं और पीड़ित मुआवजा योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए पंजाब कानूनी सेवा प्राधिकरण के टोल फ्री नंबर 1968 पर संपर्क किया जा सकता है।

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